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Showing posts from December, 2024
 I have a blog to teach the income tax on agriculture income in india. write a blog post in hindi on the topic, -    i am salaried person and i had loss in agricultural income, and therefore i had not shown my income / loss from agriculture in the Income tax return मैं नौकरी करता हूँ, खेती से घाटा हुआ, क्या करूँ? नमस्कार दोस्तों, अक्सर देखा जाता है कि कई किसान जो साथ ही नौकरी भी करते हैं, खेती में होने वाले घाटे के कारण आयकर रिटर्न में कृषि आय या घाटे को शामिल नहीं करते हैं। आज हम इसी विषय पर बात करेंगे। कृषि आय और आयकर कृषि आय कर मुक्त है: सामान्यतः भारत में कृषि आय पर आयकर नहीं लगता। 5000 रुपये से अधिक की आय: अगर आपकी कृषि से सालाना आय 5000 रुपये से ज्यादा है, तो आपको आयकर रिटर्न फाइल करना पड़ सकता है। अन्य स्रोतों से आय: अगर आपके पास नौकरी के अलावा और भी आय है, तो आपकी कुल आय पर टैक्स लग सकता है। खेती में घाटा होने पर क्या करें? अगर आपकी खेती में घाटा हुआ है तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन इस घाटे को सही तरीके से दिखाना जरूरी है। घाटे का सेटऑफ: कृषि से ह...
i am salaried person and i had loss in agricultural income.  मैं नौकरी करता हूँ और मेरी खेती से घाटा हुआ है: क्या करूँ? नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेंगे एक ऐसे विषय पर जिससे बहुत से लोग कन्फ्यूज रहते हैं। अगर आप एक नौकरीपेशा व्यक्ति हैं और साथ ही खेती भी करते हैं, तो आपके मन में कई सवाल उठ सकते हैं, खासकर अगर आपकी खेती में घाटा हुआ है। तो चलिए समझते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए। कृषि आय पर आयकर भारत में कृषि आय पर आम तौर पर आयकर नहीं लगता है। यह एक बड़ी राहत है किसानों के लिए। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि कृषि से होने वाली कमाई पर कभी भी टैक्स नहीं लगेगा। 5000 रुपये से अधिक की कृषि आय: अगर आपकी कृषि से सालाना आय 5000 रुपये से ज्यादा है, तो आपको आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करना पड़ सकता है। अन्य स्रोतों से आय: अगर आपके पास नौकरी के अलावा कोई और आय है, जैसे कि घर का किराया, ब्याज आदि, तो आपकी कुल आय पर टैक्स लग सकता है। अगर खेती में हुआ है घाटा अगर आपकी खेती से घाटा हुआ है, तो यह आपके लिए थोड़ी राहत की बात हो सकती है। लेकिन, इसे सही तरीके से दिखाना जरूरी है। घाटे का सेटऑ...
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 i have agriculture land but my brother does agriculture on that land and keeps all the income मेरी ज़मीन, भाई की खेती, और इनकम टैक्स का सवाल क्या आपकी भी यही स्थिति है? आज हम एक बहुत ही आम, लेकिन महत्वपूर्ण विषय पर बात करने जा रहे हैं। कई परिवारों में ज़मीन तो एक व्यक्ति के नाम पर होती है, लेकिन खेती-बाड़ी उसका भाई, बहन या कोई और कर रहा होता है। और सबसे बड़ा सवाल ये होता है कि इस आय पर टैक्स किसको देना पड़ेगा? आइए समझते हैं। कृषि आय पर टैक्स का नियम क्या कहता है? भारत में कृषि आय को आम तौर पर इनकम टैक्स से छूट मिली हुई है। लेकिन ये छूट कुछ शर्तों पर आधारित है: ज़मीन का मालिक कौन है? कृषि आय पर टैक्स का अधिकार उस व्यक्ति को होता है जिसके नाम पर ज़मीन है। अगर ज़मीन आपके नाम पर है, तो कृषि आय आपकी मानी जाएगी, भले ही खेती कोई और कर रहा हो। खेती किसके नाम से हो रही है? खेती किसके नाम से हो रही है, इसका टैक्स से सीधा संबंध नहीं है। लेकिन अगर खेती आपके भाई के नाम से हो रही है और वो उस आय को छिपा रहा है, तो वो अलग मुद्दा है, जिस पर आपको कानूनी सलाह लेनी चाहिए। अगर मेरा भाई मेरी ज़मीन की...
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 i am salaried and also have agriculture, but i do not show my agriculture in ITR because i had a loss from agriculture this year मैं नौकरी करता हूँ और खेती भी, लेकिन आयकर रिटर्न में खेती की कमाई नहीं दिखा रहा हूँ - क्यों? क्या आप भी एक ऐसे व्यक्ति हैं जो नौकरी के साथ-साथ खेती भी करते हैं? और क्या इस साल खेती से आपको नुकसान हुआ है? अगर हाँ, तो आप सोच रहे होंगे कि क्या आपको अपनी आयकर रिटर्न में खेती की कमाई दिखानी चाहिए या नहीं? इस लेख में हम इसी विषय पर बात करेंगे। कृषि आय पर आयकर भारत में कृषि आय को आम तौर पर आयकर से छूट प्राप्त है। इसका मतलब यह है कि अगर आपकी पूरी कमाई खेती से ही होती है, तो आपको आयकर देने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपकी दूसरी आय भी है, जैसे नौकरी से वेतन, तो आपको अपनी कुल आय पर आयकर देना पड़ सकता है। अगर खेती से हुआ है नुकसान तो क्या करें? अगर इस साल आपकी खेती से नुकसान हुआ है, तो आप इस नुकसान को अगले साल के मुनाफे में से घटा सकते हैं। यानी अगर अगले साल आपको खेती से मुनाफा होता है, तो उसमें से इस साल के नुकसान को घटाकर ही आपको आयकर देना होगा। लेकिन अगर आपका मान...
can i carry forward losses from agriculture income in income tax क्या कृषि आय से हुए नुकसान को आगे के वर्षों में कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है? कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और लाखों किसानों के लिए आजीविका का मुख्य स्रोत है। हालांकि, कृषि एक मौसम पर निर्भर व्यवसाय है, और कई बार किसानों को फसल खराब होने, प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि क्या कृषि आय से हुए नुकसान को आगे के वर्षों में कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है? कृषि आय और आयकर भारत में कृषि आय को आम तौर पर आयकर से छूट प्राप्त है। इसका मतलब है कि कृषि से होने वाली आय पर सीधे तौर पर आयकर नहीं लगता है। यह प्रावधान किसानों को राहत देने और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कृषि आय पूरी तरह से आयकर से मुक्त नहीं है। कुछ परिस्थितियों में, कृषि आय का उपयोग अन्य आय स्रोतों पर कर की गणना के लिए किया जा सकता है। कृषि आय से हुए नुकसान का कैरी फॉरवर्ड अब मुख्य सवाल पर आते हैं - क्या कृषि आय से हुए नुकसान को आगे के वर...